Monday, June 8, 2015

मेरी रूप्या सी ज़िन्दगी अब Dollar बन गयी

June/06/2015

After ages finally I found my own time to spend here with my blogs. First I apologized to my readers for this  "lonnnnngggg break"  here is two lines dedicated to my readers & followers  :)

"अब वक़्त नहीं मिलता इस वक़्त के चलते
ज़िन्दगी बदल गयी है इस वक़्त के चलते
अब जो लौट आया हूँ तो ये वादा है एे दोस्त
फिर न रुकूँगा अब इस वक़्त के चलते"

My Country My Pride

Recently we moved to California from New Jersey. It was a hectic day when movers and packers were doing their jobs. There was a gentleman who was working with company since 15years and in USA he spent almost 22 years. While having a conversation he told me that he belongs to very poor country (Puerto Rico) and he doesn't like to live there. He is having a good life in USA and he is very happy here. Suddenly he stopped packing the boxes and looked into my eyes and said "but if I will die,I would love to die in my own Country,on my own land. I am here so I can give a healthy life to my family and good education to my kids.

Somewhere he touched my heart, somewhere I feel the same way. Being a proud Citizen I always mesmerized my life in India. I always miss my land, my country & my family. Below I tried to summarize my transition from Desi to International ;) I expressed my feelings in my own way. Hope you all will like it. Don't forget to drop your inputs, it's motivate me to do better. Enjoy :)


मेरी रूप्या सी ज़िन्दगी अब Dollar बन गयी

अाज भी ढूंढते हैं ताजी हरी सब्जियॉं Market में
मेरी Desi सी ज़िन्दगी,अब Organic बन गयी
बात करते हैं Apps,Siri अौर Speeds की
मेरी Nokia सी ज़िन्दगी, अब iPhone बन गयी
याद अाती हैं बहुत, चुस्कियां वो चाय कुल्हड़ की
मेरी Tata सी ज़िन्दगी,अब Starbucks बन गयी
Brands Collection की दौड़ में भाग रहें हैं सब
मेरी दिल्ली हाट सी ज़िन्दगी,अब Michael Kors बन गयी
होली का रंग नहीं  मिलता, दिवाली का दम नहीं दिखता
मेरी लोहड़ी सी ज़िन्दगी, अब Halloween बन गयी
दम सा घुटता इन Air Conditioned luxury कारों में
मेरी Rickshaw सी ज़िन्दगी, अब Mercedes बन गयी
मुँह में पानी आता है, जब याद आते लड्डू पन्द्रह अगस्त के
मेरी थकेली परेड सी ज़िन्दगी, अब 4th July बन गयी
छुट्टियाँ वो गर्मियों की, वो त्यौहारों की, नहीं भूल सकता कोई
मेरी आम लीची सी ज़िन्दगी, अब Long Weekends बन गयी
बाटी चोखा का सोंधापन, Oven Cooking में तलाशते हैं
मेरी मुरमुरे सी ज़िन्दगी,अब Pizza Burger बन गयी
अब माँ की Recipes मिलती हैं,पर माँ नहीं मिलती
सुबह के पराँठों सी ज़िन्दगी, अब Milk Cornflakes बन गयी
छतों पे शामें अब नहीं गुज़रती, दूर तलक पतंगें अब नहीं उड़ती
मेरी मुहल्लों सी ज़िन्दगी, अब Manhattan बन गयी
बहुत हुआ ये High-tech life,ये चकाचौंध
दिल कहता है छोड़ दे ये Comfort  Zone
दिल धड़कता है अाज भी, जब वो खेलते हैं Finals
पैर थिरकते हैं अाज भी,जब बजते हैं Desi Numbers
Pubs में करते हैं शादी वाला नागिन Dance
बिरयानी हो तो करते हैं, Thumbs Up की Demand
आते ही सबसे पहले Vonage लगवाते हैं
सर करे दर्द तो दवा Disprine ही खाते हैं
गुज़ारा नहीं हमारा बिना Pickle, मसालों के
Extra cheese पचता नहीं बिना हाज्मोलों के
करनी हो Feelings वाली,वो बात ख़ास
तो Accent छोड़, आ जाते हैं On Desi Talk
चल लौट चलें घर अपने, अपना बसेरा यहाँ नहीं
इन हरे-हरे Dollars पे, अपना चश्मे वाला बापू नहीं
मैं जहाँ रहूँ मैं कहीं भी रहूँ, तेरी याद साथ है
मेरी हर साँस, हर धड़कन में तेरी ही बात है
तुझसे दूर भले हूँ पर तुझसे जुदा नहीं
मजबूर भले हूँ पर, मैं बेवफ़ा नहीं
मेरी जान है तू, मेरा ईमान है तू
इबारत भी तू, मेरा अभिमान भी तू
लौटूँगा इक दिन आसरा रखना हमारा
हम बुलबुले हैं जिसकी वो गुलिस्ताँ हमारा


~ Aanchal~


















15 comments:

  1. Very nice Appu...Truely this is the feeling of every Indian living in abroad. Keep writing...

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  2. very nice writing Aprajita with humour! Its showing your expressions. :)

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  3. Excellent composition blend with fruitful emotions.....loved it....

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  4. Veru well written Aanchal ! .. I am touched !

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  5. Replies
    1. Thanx Pallavi, Aanchal is my blog name. My husband gave me this name :)

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  6. Beautifully written Apra.......Best wishes :)

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